उत्पत्ति और इतिहास
अल्बारीन्यो की उत्पत्ति इबेरियाई प्रायद्वीप के उत्तर-पश्चिमी तट पर हुई, जो अटलांटिक महासागर से प्रभावित है। पारंपरिक किंवदंती कहती है कि 12वीं शताब्दी में क्लूनी भिक्षुओं ने इसे राइन क्षेत्र से लाया, हालाँकि DNA अध्ययन इसे स्वदेशी इबेरियाई किस्म के रूप में प्रमाणित करते हैं। स्पेन के रियास बैक्सास और पुर्तगाल के विन्हो वेर्दे — जहाँ इसे अल्वारिन्हो कहते हैं — में सदियों से उगाई जाती रही है। 1980 के दशक में रियास बैक्सास के डी.ओ. दर्जे ने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुँचाया।
उगाने के क्षेत्र
स्पेन का रियास बैक्सास (गैलिसिया) अल्बारीन्यो का प्रमुख क्षेत्र है, जहाँ अटलांटिक जलवायु, ग्रेनाइट मिट्टी और उच्च वर्षा विशिष्ट खनिज और ताज़ा वाइन उत्पन्न करती हैं। पुर्तगाल का विन्हो वेर्दे हल्की, कभी-कभी हल्की चमकीली शैली प्रदान करता है। कैलिफोर्निया, ओरेगन और न्यूज़ीलैंड में भी प्रयोगात्मक रोपण हो रहे हैं, लेकिन गैलिसिया अभी भी गुणवत्ता का मानक बना हुआ है।
वाइन की विशेषताएँ
अल्बारीन्यो हल्के पीले से हरे-सुनहरे रंग की वाइन बनाता है। सुगंध में सफेद आड़ू, खुबानी, नींबू के छिलके, सफेद फूल और समुद्री नमक की बारीकियाँ मिलती हैं। तालू पर उच्च अम्लता, मध्यम शरीर और विशिष्ट खनिज, नमकीन फिनिश होती है जो इसकी समुद्रतटीय उत्पत्ति को दर्शाती है। अधिकांश बिना ओक के बनाई जाती हैं और युवावस्था में पीने के लिए होती हैं।
भोजन के साथ जोड़ी
अल्बारीन्यो की नमकीन खनिजता इसे समुद्री भोजन का आदर्श साथी बनाती है। गैलिसियन पल्पो आ फेइरा (ऑक्टोपस), ताज़ी सीपियाँ, ग्रिल्ड झींगे और मछली सेविचे उत्कृष्ट जोड़ियाँ हैं। सुशी और साशिमी के साथ भी बेहतरीन तालमेल बनता है। हल्के तपास और समुद्री भोजन पाएला भी अच्छे विकल्प हैं।
उल्लेखनीय वाइन
- Do Ferreiro Cepas Vellas (Rías Baixas) — पुरानी बेलों की असाधारण गहराई
- Pazo de Señoráns Selección de Añada (Rías Baixas) — एजिंग-योग्य अल्बारीन्यो का शिखर
- Zárate El Palomar (Rías Baixas) — एकल दाख की बारी की उत्कृष्ट अभिव्यक्ति
- Anselmo Mendes Contacto (Vinho Verde, Portugal) — पुर्तगाली अल्वारिन्हो का सर्वोत्तम