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Tasting

अम्लता

वाइन की अम्लता प्राकृतिक जैविक अम्लों — मुख्यतः टार्टरिक, मैलिक और साइट्रिक — से आती है, जो वाइन को ताज़गी, कुरकुरापन और पुरानी होने की क्षमता प्रदान करती है। अम्लता वाइन के संतुलन और जीवंतता के लिए अनिवार्य है।

वाइन में एसिड के प्रकार

  • टार्टरिक एसिड — सबसे महत्वपूर्ण वाइन एसिड; संरचना और परिपक्वता क्षमता प्रदान करता है
  • मैलिक एसिड — तीखी, हरे सेब की अम्लता; MLF से नरम होती है
  • साइट्रिक एसिड — छोटी मात्रा में मौजूद; ताजगी जोड़ता है
  • लैक्टिक एसिड — MLF के दौरान उत्पन्न; मैलिक से नरम
  • एसिटिक एसिड — वाष्पशील एसिड; अधिकता में सिरके जैसे ऑफ-फ्लेवर बनाता है

अम्लता मापना

  • pH — अधिकांश वाइन 3.0 से 4.0 तक; 3.2-3.6 विशिष्ट है
  • टाइट्रेटेबल अम्लता (TA) — कुल एसिड सांद्रता, आमतौर पर 5-8 g/L

अम्लता और जलवायु

ठंडी जलवायु उच्च प्राकृतिक अम्लता (Chablis, Mosel, Champagne) वाली वाइन बनाती है।

भोजन जोड़ी में अम्लता

उच्च-अम्ल वाइन समृद्ध, वसायुक्त खाद्य पदार्थों के साथ शानदार रूप से जुड़ती है।