उत्पत्ति और इतिहास
जूरा पूर्वी फ्रांस में बरगंडी और स्विट्ज़रलैंड के बीच स्थित लघु वाइन क्षेत्र है, जो फ्रांस में सबसे विशिष्ट और मौलिक वाइन बनाता है। लुई पाश्चर इसी क्षेत्र के आर्बोइस से थे और यहीं किण्वन पर वैज्ञानिक शोध शुरू किया। जूरा की अनूठी ऑक्सीडेटिव शराब निर्माण विधि और वैं जोन (पीली वाइन) एक ऐसी शैली है जो विश्व में कहीं और नहीं मिलती, और हाल ही में प्राकृतिक वाइन आंदोलन के केंद्र के रूप में अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित कर रहा है।
टेरोइर और जलवायु
जूरा के बागान जूरा पर्वतमाला के पश्चिमी तल पर 250-400 मीटर ऊँचाई पर स्थित हैं। महाद्वीपीय जलवायु में ठंडी बर्फीली सर्दियाँ, गर्म लेकिन अत्यधिक गर्म नहीं गर्मियाँ। मिट्टी मुख्यतः मार्ल और चूना पत्थर है, और जुरासिक काल (Jurassic period) का नाम इसी पर्वतमाला से आया है। ये विशेष मिट्टी और जलवायु परिस्थितियाँ सावान्यां (Savagnin) जैसी स्थानीय किस्म को अनूठी खनिजता प्रदान करती हैं।
प्रमुख अपीलेशन
आर्बोइस सबसे बड़ा अपीलेशन है, लाल, सफेद और वैं जोन सभी बनाता है। कोट दू जूरा संपूर्ण क्षेत्र को कवर करने वाला व्यापक अपीलेशन है। शैटो-शालों वैं जोन का विशेष अपीलेशन है, केवल सावान्यां से न्यूनतम 6 वर्ष 3 माह ऑक्सीडेटिव वृद्धि वाली वाइन ही यह नाम धारण कर सकती है। ल'एतोइल सफेद, वैं जोन और क्रेमां के लिए है। क्रेमां दू जूरा उच्च गुणवत्ता की बुदबुदाती वाइन है।
प्रतिष्ठित वाइन
- Domaine Jacques Puffeney (आर्बोइस) — पारंपरिक जूरा शराब निर्माण के गुरु
- Jean-François Ganevat (कोट दू जूरा) — प्राकृतिक वाइन और टेरोइर की शुद्ध अभिव्यक्ति
- Domaine Macle Château-Chalon — वैं जोन का परम मानदंड
- Pierre Overnoy (आर्बोइस पुपीयां) — प्राकृतिक वाइन के पौराणिक अग्रदूत