उत्पत्ति और इतिहास
सावोइ फ्रांस के आल्प्स क्षेत्र में स्थित पर्वतीय वाइन क्षेत्र है, जो स्विट्ज़रलैंड और इटली की सीमा पर है। वाइन इतिहास रोमन काल से है, लेकिन 1860 में फ्रांस से जुड़ने से पहले सावोइ सार्डिनिया-पीएमॉन्ट साम्राज्य का हिस्सा था। इस विशिष्ट ऐतिहासिक पृष्ठभूमि ने इतालवी और स्विस प्रभाव वाली स्वतंत्र वाइन संस्कृति बनाई। लंबे समय तक स्की रिसॉर्ट की स्थानीय वाइन के रूप में ही खपत होती थी, लेकिन हाल ही में प्राकृतिक वाइन आंदोलन के साथ अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करने लगी है।
टेरोइर और जलवायु
सावोइ के बागान आल्प्स तलहटी की ढलानों पर 250-500 मीटर ऊँचाई पर हैं, झीलों (लेमन झील, बुर्जे झील) के सौम्य प्रभाव और पर्वतीय जलवायु का अनूठा संयोजन। मिट्टी हिमयुग की विरासत है — हिमनदी तलछट, चूना पत्थर, शिस्ट और मार्ल। गर्मियाँ गर्म लेकिन रातें ठंडी होती हैं, जो अंगूरों में उत्कृष्ट अम्लता बनाए रखती हैं। वर्षा अपेक्षाकृत अधिक है लेकिन ढलानों की अच्छी जल निकासी इसकी भरपाई करती है।
प्रमुख अपीलेशन
वैं दे सावोइ AOC मुख्य अपीलेशन है, जिसके अंतर्गत 16 क्रू हैं। अप्रेमों और अबीम जैकेर (Jacquère) किस्म की ताज़ा सफेद वाइन बनाते हैं। शिन्यां-बर्ज़रों रूसान (यहाँ बर्ज़रों कहलाती है) से समृद्ध सफेद बनाता है। क्रेपी लेमन झील के किनारे शास्सला उगाता है, सेसेल पारंपरिक बुदबुदाती वाइन के लिए प्रसिद्ध। मोंड्यूज़ सावोइ की विशिष्ट लाल किस्म है।
प्रतिष्ठित वाइन
- Domaine Dupasquier (जोंज्यू) — पारंपरिक सावोइ शराब निर्माण की कृति
- Domaine Belluard (एज़) — ग्रिंजे किस्म की अद्वितीय अभिव्यक्ति
- Domaine des Ardoisières (इज़ेर) — आल्प्स टेरोइर की आश्चर्यजनक पुनर्खोज
- Jean-Yves Péron (सावोइ) — प्राकृतिक वाइन की आल्प्स अग्रिम पंक्ति