उत्पत्ति और इतिहास
मर्लो की उत्पत्ति फ्रांस के बोर्दो क्षेत्र में हुई, जहाँ पहला लिखित उल्लेख 1784 का है। इसका नाम फ्रांसीसी शब्द "merle" (ब्लैकबर्ड) से आया है, संभवतः इसलिए कि ये पक्षी मीठे अंगूरों की ओर आकर्षित होते थे। बोर्दो के दक्षिण तट — पोमेरोल और सैंट-एमिलियन — पर शासन करने वाली किस्म के रूप में इसने विश्वव्यापी ख्याति अर्जित की। 1990 के दशक में न्यू वर्ल्ड में बड़े पैमाने पर रोपण ने इसे विश्व की सबसे लोकप्रिय लाल किस्मों में शामिल कर दिया।
उगाने के क्षेत्र
बोर्दो का दक्षिण तट, विशेषकर पोमेरोल और सैंट-एमिलियन, अद्वितीय जटिलता वाले मर्लो का उत्पादन करते हैं। विश्व का सबसे महँगा मर्लो, Château Pétrus, पोमेरोल की नीली मिट्टी से आता है। कैलिफोर्निया, वॉशिंगटन राज्य, चिली और उत्तरी इटली (विशेषकर फ्रियूली) में भी इसकी उच्च प्रतिष्ठा है। कैबरनेट सॉविनन से पहले पकने के कारण यह ठंडी जलवायु में भी अच्छी तरह अनुकूलित होता है।
वाइन की विशेषताएँ
मर्लो वाइन गहरे रूबी से वायलेट रंग की होती हैं, जिनमें कोमल और गोलाकार चरित्र होता है। सुगंध में पके बेर, काली चेरी, चॉकलेट और ओक से आने वाली वनीला की बारीकियाँ मिलती हैं। तालू पर कैबरनेट की तुलना में स्पष्ट रूप से नरम और रेशमी टैनिन होते हैं, मांसल और समृद्ध मध्य तालू और सौम्य, स्थायी फिनिश होती है। ठंडी जलवायु के मर्लो अधिक कसे हुए और हर्बल हो सकते हैं।
भोजन के साथ जोड़ी
सौम्य टैनिन और पके फल इसे सबसे अनुकूल लाल वाइन में से एक बनाते हैं। भुना हुआ चिकन, पोर्क फिलेट और बीफ स्टू के साथ बेहतरीन तालमेल बनता है। टमाटर आधारित सॉस, मीटबॉल और जड़ी-बूटी वाले लैम्ब व्यंजन भी उत्कृष्ट जोड़ियाँ हैं। मशरूम व्यंजन वाइन के मिट्टी जैसे स्वाद को उभारते हैं।
उल्लेखनीय वाइन
- Château Pétrus (Pomerol, Bordeaux) — विश्व का सबसे प्रसिद्ध मर्लो
- Le Pin (Pomerol, Bordeaux) — अत्यंत दुर्लभ गैराज वाइन, असाधारण गहराई
- Duckhorn Vineyards Merlot (Napa Valley) — न्यू वर्ल्ड का मानक प्रतिनिधित्व
- Leonetti Cellar Merlot (Walla Walla, Washington) — प्रशांत उत्तर-पश्चिम की उत्कृष्टता