उत्पत्ति और इतिहास
लांगडोक-रूसीयों दक्षिणी फ्रांस के भूमध्यसागरीय तट पर विशाल वाइन क्षेत्र है, फ्रांस में सबसे बड़ा अंगूर कृषि क्षेत्रफल। ईसा पूर्व 5वीं शताब्दी में ग्रीक लोगों द्वारा अंगूर लगाने से 2,500 से अधिक वर्षों का इतिहास। 20वीं शताब्दी का अधिकांश समय "वाइन झील" (wine lake) बनाने वाले बड़े पैमाने के उत्पादन के लिए जाना गया, लेकिन 1980 के दशक से शुरू हुई गुणवत्ता क्रांति ने इसे विश्व स्तरीय वाइन उत्पादक क्षेत्र में बदल दिया। प्राकृतिक वाइन और मूल्य वाइन के स्वर्ण क्षेत्र के रूप में पुनर्मूल्यांकन हो रहा है।
टेरोइर और जलवायु
लांगडोक-रूसीयों भूमध्यसागरीय तट से सेवेन और पिरेनीज़ पर्वत तलहटी तक फैला, आश्चर्यजनक विविधता दिखाता है। गर्म शुष्क भूमध्यसागरीय जलवायु मूलभूत है, लेकिन ऊँचाई और समुद्र से दूरी के अनुसार शीतल मेसोक्लाइमेट भी मौजूद हैं। मिट्टी अत्यंत विविध है — चूना पत्थर, शेल, बजरी, क्ले और ज्वालामुखीय पत्थर। ट्रामोंतान हवा बागानों को सूखा रखती है, जैविक कृषि के लिए अनुकूल।
प्रमुख अपीलेशन
मिनर्वुआ, कोर्बियेर, फितू, फोजेर और सेंट-शिनियाँ लांगडोक के प्रमुख अपीलेशन हैं। लिमू विश्व की पहली बुदबुदाती वाइन (ब्लांकेट दे लिमू, 1531) का जन्मस्थान है। रूसीयों में बान्यूल्स और मोरी वैं दू नात्यूरेल (प्राकृतिक मीठी वाइन) के लिए प्रसिद्ध हैं, जबकि कोट दू रूसीयों-विलाज उत्कृष्ट लाल बनाता है। पिक सेंट-लू तेज़ी से उभरता प्रीमियम अपीलेशन है।
प्रतिष्ठित वाइन
- Mas de Daumas Gassac — "लांगडोक का लाफित" कहलाने वाली कल्ट वाइन
- Domaine Gauby Muntada (कोट दू रूसीयों) — पुरानी बेल मिश्रण की कृति
- Gérard Bertrand Clos d'Ora (मिनर्वुआ-ला लिविनियेर) — बायोडायनामिक प्रीमियम
- Domaine de Trévallon (ले बो दे प्रोवांस/IGP) — कैबरनेट-सिरा मिश्रण की किंवदंती