सल्फाइट क्यों उपयोग किए जाते हैं
सल्फर डाइऑक्साइड वाइनमेकिंग में दो महत्वपूर्ण कार्य करता है:
- एंटीऑक्सिडेंट — वाइन को भूरा होने और ताजे फल के चरित्र के नुकसान से बचाता है
- रोगाणुरोधी — खराब बैक्टीरिया और जंगली खमीर को ऑफ-फ्लेवर पैदा करने से रोकता है
प्राकृतिक बनाम जोड़े गए सल्फाइट
सभी वाइन में किण्वन से प्राकृतिक रूप से उत्पन्न कुछ सल्फाइट (5-20 mg/L) होते हैं। पारंपरिक वाइन में आमतौर पर 50-150 mg/L कुल SO₂ होता है।
कम-सल्फाइट और प्राकृतिक वाइन
प्राकृतिक वाइनमेकर जोड़े गए सल्फाइट को न्यूनतम या समाप्त करने का लक्ष्य रखते हैं, सावधानीपूर्वक स्वच्छता और स्वस्थ अंगूर पर भरोसा करते हैं। ये वाइन अभिव्यंजक और जीवंत हो सकती हैं लेकिन अधिक नाजुक होती हैं।