उत्पत्ति और इतिहास
सैंटोरिनी एजियन सागर में स्थित ग्रीस का ज्वालामुखीय द्वीप है, 3,500 से अधिक वर्षों के वाइन इतिहास के साथ विश्व के सबसे पुराने वाइन क्षेत्रों में से एक। लगभग 1600 ईसा पूर्व थेरा ज्वालामुखी विस्फोट ने द्वीप की भूगोल और मिट्टी को आकार दिया। ज्वालामुखीय राख और प्यूमिस (झांवा) मिट्टी ऐसा वातावरण बनाती है जहाँ फिलोक्सेरा कीट जीवित नहीं रह सकता, इसलिए यह विश्व के उन गिने-चुने स्थानों में है जहाँ बिना ग्राफ्ट वाली (own-root) बेलें शेष हैं। कूलूरा शैली की टोकरी रूप बेल-कृषि इस द्वीप का विशिष्ट दृश्य है।
टेरोइर और जलवायु
सैंटोरिनी का टेरोइर अद्वितीय है। मिट्टी ज्वालामुखीय राख, प्यूमिस और लावा पत्थर से बनी है जिसमें अत्यधिक जल निकासी और समृद्ध खनिज हैं। जलवायु गर्म शुष्क भूमध्यसागरीय है, लेकिन तेज़ एजियन हवा (मेल्तेमी) बेलों को सूखा रखती है और कीट-रोग रोकती है। वार्षिक वर्षा बहुत कम है, समुद्री कोहरा और रात्रि ओस बेलों के मुख्य जल स्रोत हैं। ये चरम परिस्थितियाँ असिर्टिको को असाधारण खनिजता और अम्लता प्रदान करती हैं।
प्रमुख अपीलेशन
सैंटोरिनी PDO एकमात्र आधिकारिक अपीलेशन है। असिर्टिको प्रमुख किस्म है, न्यूनतम 75% होनी चाहिए। ऐदानी और अथीरी थोड़ी मात्रा में मिश्रित की जा सकती हैं। निक्टेरी रात में तोड़े गए अंगूरों से बनी ओक-वृद्ध सूखी सफेद है, जबकि विन्सांटो सैंटोरिनी की पौराणिक मीठी वाइन है जो धूप में सुखाए अंगूरों से बनती है। विन्सांटो को न्यूनतम 2 वर्ष बैरल वृद्धि की आवश्यकता है और 50 से अधिक वर्ष तक संग्रहित की जा सकती है।
प्रतिष्ठित वाइन
- Domaine Sigalas — सैंटोरिनी असिर्टिको की शुद्ध अभिव्यक्ति
- Hatzidakis Winery — पुरानी बेलों से आश्चर्यजनक खनिज गहराई
- Gaia Wines Thalassitis — समुद्री खनिज अभिव्यक्ति, नाम का अर्थ "समुद्र की वाइन"
- Argyros Estate Vinsanto — 20 से अधिक वर्ष वृद्ध पौराणिक मीठी वाइन