उत्पत्ति और इतिहास
सैंजोवेसे इटली के मध्य भाग की स्वदेशी किस्म है, संभवतः टस्कनी या कैलाब्रिया में उत्पन्न — इसका नाम "Sanguis Jovis" (जूपिटर का रक्त) से व्युत्पन्न माना जाता है। आनुवंशिक अध्ययन ने इसे चिलीजोलो और कैलाब्रेसे मोंतेनुओवो का प्राकृतिक संकरण पुष्ट किया है। 18वीं शताब्दी तक यह टस्कनी की प्रमुख किस्म बन चुकी थी। 1970 के दशक के सुपर टस्कन आंदोलन ने सैंजोवेसे को कैबरनेट सॉविनन के साथ मिलाकर इतालवी वाइन की पारंपरिक सीमाओं को तोड़ दिया।
उगाने के क्षेत्र
टस्कनी सैंजोवेसे का हृदयस्थल है, जहाँ कियांती क्लासिको, ब्रूनेल्लो डी मोंताल्चीनो और वीनो नोबिले डी मोंटेपुल्चियानो तीन प्रमुख क्षेत्र हैं। उम्ब्रिया के मोंटेफाल्को में भी इसका उपयोग मिश्रणों में होता है, एमिलिया-रोमान्या में इसे सैंजोवेसे डी रोमान्या के रूप में जाना जाता है। कोर्सिका में इसे नियेलुच्चो नाम से उगाया जाता है। अर्जेंटीना और कैलिफोर्निया में सीमित खेती होती है, लेकिन टस्कनी की अभिव्यक्ति सर्वोच्च मानी जाती है।
वाइन की विशेषताएँ
सैंजोवेसे मध्यम रूबी रंग की वाइन बनाता है जिसमें नारंगी किनारी होती है। सुगंध में खट्टी चेरी, लाल करंट, बेर, वायलेट और टमाटर की पत्ती का विशिष्ट स्पर्श होता है, परिपक्वता के साथ सूखी जड़ी-बूटियाँ, तंबाकू, चमड़ा और बलसमिक जटिलता जुड़ती है। तालू पर उच्च अम्लता और कसे टैनिन की विशेषता है। ब्रूनेल्लो विशेष रूप से शक्तिशाली होता है और दीर्घकालिक एजिंग की क्षमता रखता है।
भोजन के साथ जोड़ी
सैंजोवेसे की उच्च अम्लता इसे इतालवी व्यंजनों का स्वाभाविक साथी बनाती है। टमाटर सॉस पास्ता, लज़ान्या और बोलोनीज़ क्लासिक संयोजन हैं। बिस्टेका अल्ला फिओरेंटीना (फ्लोरेंटाइन टी-बोन स्टेक) सर्वोत्तम जोड़ी मानी जाती है। पेकोरिनो चीज़ और पिज़्ज़ा के साथ भी उत्कृष्ट तालमेल बनता है।
उल्लेखनीय वाइन
- Biondi-Santi Brunello Riserva (Montalcino) — मूल ब्रूनेल्लो, दशकों की एजिंग क्षमता
- Tenuta San Guido Sassicaia (Bolgheri) — सुपर टस्कन आंदोलन का आरंभकर्ता
- Antinori Tignanello (Tuscany) — इतालवी वाइन को पुनर्परिभाषित करने वाला मिश्रण
- Fontodi Flaccianello della Pieve (Chianti Classico) — शुद्ध सैंजोवेसे की उत्कृष्टता